ग्रामीणों ने सत्कार समारोह पर भावुक होकर शिक्षक कवडेती गुरुजी को दी बिदाई
पांढुर्णा // उग्र प्रभा
पाॅढुरणा जिले में मंगलवार को एक ऐसे शिक्षक का रिटायरमेंट हुआ जिन्होंने अपनी सेवा के 14 साल तीन महीने एक ही स्कूल में गुजार दिए। जब उनकी विदाई हुई तो हर आंख नम हो गई। लोगों ने उन्हें भावुक होकर विदाई दी। आपको शायद यह सुनकर आश्चर्य होगा, लेकिन पाॅढुरणा विकासखंड के ग्राम चांगोबा के एकीकृत शास• उच्चतर माध्यमिक विधालय चांगोबा में पदस्थ शिक्षक श्री नानेश्वर जी कवडेती ने शिक्षा जगत में एक ऐसी ही मिसाल कायम की जो हर किसी के लिए प्रेरणास्पद रहेगी। दरअसल शिक्षक रहते हुए 14 साल तीन महीने का लम्बा कार्यकाल उन्होंने एक ही स्कूल में बिता दिया, जो अपने आप में एक मिशाल है। जैसा कि 15-09-1983 तक प्राथमिक शाला अम्बाडा से1-11-2012 को स्थानांतरण होकर माध्यमिक विद्यालय चांगोबा मे सेवा दि 28-02-25 को उनकी शैक्षणिक सेवा पूर्ण हुई, इस उपलक्ष्य मे 01-04-25 को पूरा गांव उनकी विदाई कार्यकम में भावुक होकर शामिल हुआ। एक अलग तरीके से अपने सरल व्यवहार के कारण वह सभी बच्चों के लिए पसंदीदा शिक्षक बन गए। सर्दी हो या बरसात अपने शाला समय पहुंच जाते थे
उनको विदाई देने के लिए पहुंचे सरपंच ग्राम पंचायत चांगोबा रामप्रसाद वरठे ने उनके संस्मरण को याद करते हुए बताया कि श्री कवडेती सर समय के बहुत पाबंद रहे हैं, चाहे बारिश का समय हो या सर्दी का सुबह 10:00 बजे से पहले वह स्कूल पहुंच जाते थे। कोई बच्चा स्कूल नहीं आता तो उसे घर जाकर स्कूल लेकर आते थे, उनकी इस कर्तव्य निष्ठा का परिणाम था कि उनके पढ़ाए हुए कई बच्चे आज राजनीति सामाजिक विभिन्न क्षेत्रों में अपना नाम रोशन कर रहे हैं, लगभग 15 स्कूलों के शिक्षक विदाई देने पहुंचे, जिनके आखों से आंसू छलक पडे,
कवडेती सर की विदाई की जानकारी लगते ही सिर्फ गांव के लोग ही नहीं बल्कि जन शिक्षा केंद्र के अंतर्गत आने वाले 15 स्कूलों के प्रधान पाठक और प्राचार्य, शिक्षक उनकी विदाई समारोह में पहुंचे थे, जिन्होंने कवडेती सर के 14 साल तीन महीने की सेवा के लिए उन्हें सम्मानित किया। इस कार्यकम का मंच संचालन ओंकार साहु व्दारा किया गया ,
सेवानिवृत्त कार्यक्रम मुख्य रूप से मौजूद रहे विधायक पाॅढुरणा निलेश उईके, रामप्रसाद वरठे सरपंच आनंद साहु, ओंकार साहु, लक्ष्मण साहु, ओमप्रकाश साहु, रविशंकर कवडेती, महेश कामडी, विशाल साहु जनशिक्षक केंद्र नान्दनवाडी से जनशिक्षक ,शिक्षक, शिक्षिकाए प्राचार्य शेन्डे मैम,भिक्कूलाल जायसवाल, अरुणा खोडे, कौशल तुमडाम,सरोज आहाके, सुमन मानेकर संगीता साहु, सुभाष सरोदे, ईवने सर, पवांर सर, एवं समस्त शिक्षक शिक्षकाए एवं कवडेती सर का पूरा परिवार तथा गणमान्य नागरिक व युवाऐ उपस्थित रहे।