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छिंदवाड़ा की खिलाडी बिटिया शिवानी पवार को मध्यप्रदेश सरकार सें मिला विक्रम पुरुस्कार

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 एमेच्योर कुश्ती संघ की अंतरराष्ट्रीय कुश्ती की खिलाड़ी शिवानी पवार का नाम विक्रम अवार्ड 2023 में शामिल होने पर हार्दिक बधाइयां एवं शुभकामनाएं 


छिन्दवाड़ा //भोपाल // उग्र प्रभा 

मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले ग्राम उमरेठ की बेटी #शिवानी_पवार ने सर्बिया में हुआ और देश विदेश से गोल्ड जीतकर,U23_वर्ल्ड_पावर चेम्पियनशिप में रजत पदक व स्वर्ण पदक देश विदेश से लाकर छिंदवाड़ा का नाम का परचम लहराया शिवानी ने अब तक 10 गोल्ड मेडल हासिल कर मध्यप्रदेश और देश को गौरवांवित किया है। एमेच्योर कुश्ती संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं शासन  के मुखिया डॉक्टर मोहन यादव मध्यप्रदेश सरकार ने कुश्ती खेल से छिंदवाड़ा की एमेच्योर कुश्ती संघ की खिलाड़ी शिवानी पवार को विक्रम अवार्ड से सम्मानित करने का फैसला किया है  इस फैसले से कुश्ती खेल के प्रति लोगों की रुचि बढ़ेगी और प्रेरणा मिलेगी एमेच्योर कुश्ती संघ के संरक्षक एडवोकेट देवेंद्र वर्मा ने उनके कोच मार्गदर्शक एवं सभी पदाधिकारी की ओर से हार्दिक बधाई दी है इस उपलब्धि के लिए शिवानी जी को अनंत बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं ।।

आप यूँ ही हमेशा कड़ी मेहनत करके निरंतर ओर आगे बढ़ते रहिये।।

 बेटियों का तो यही अंदाज होता है शिवानी ने पहले खिलाडी, फिर परिवार और बाद में खुद की बात की

छिंदवाड़ा परासिया ।बेटियां यूं ही बेटिंया नहीं कही जाती और बेटियां ऐसे ही महान नहीं बन जाती। बेटियों की उपलब्धियों के पीछे उनका त्याग, समर्पण और बडप्पन छुपा होता है। छोटे से सुविधाविहीन गांव उमरेठ के पास और परिवार से विश्व कुश्ती के पटल तक पहुँचकर चांदी की चमक बिखेरनी वाली शिवानी ने भी बेटियों के इसी गुण को एक बार फिर साबित किया। बडे लोग शिवानी के घर पहुंचे। शिवानी ने सबसे पहले खेलोें को आगे बढाने की बात की। फिर अपने परिवार की बात की और अंत में खुद के लिए चर्चा की। इस पूरे वाकये से एक बार फिर ये साबित हुआ कि बेटियों का तो यही अंदाज होता है। शिवानी पवार ने अपने सम्मान समारोह में कहा कि जिले के खिलाडी आगे आए इसके लिए सुविधाओं के साथ उन्हें मासिक छात्रवृत्ति देना होगा। वे अकेले इतना बडा बदलाव नहीं कर सकती इसलिए लोगों को समाज को संगठनों को आगे आना होगा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों  से चर्चा में कहा कि उनके परिवार पर जो कर्ज है उसे माफ किया जाना चाहिए। परिवार का कर्ज माफ होने से राहत मिलेगी। सबसे अंत में उन्होंने खुद की बात की। कहा कि समाज ने उन्हें बहुत सहयोग किया है। इस मदद के लिए आभारी है। उन्होंने खेलों को आगे बढाने और बेहतर प्रशिक्षण के लिए सुविधाओं की बात की।  शिवानी के भाषण से एक बात पता चलती है कि किसी मध्यमवर्गीय को उपलब्धियां हासिल करने के लिए खुद को ही होम करना पड़ता है । शिवानी ने कहा कि बहुत सारी जरूरतें थी उन जरूरतों को ही लिस्ट से हटा दिया। जो चीज जरूरी हो उसे जरूरत नहीं की सूची में डाल देना कोई मध्यमवर्गीय ही कर सकता है। बहुत सारी परेशानियों, तकलीफों, संघर्षों , और मेहनत के बाद इस मुकाम पर पहुंची इस उम्मीद गर्ल का स्वागत है, अभिनंदन है।

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